MP: निगम-मंडलों में नियुक्तियों का काउंटडाउन, CM मोहन यादव जल्द करेंगे ऐलान!

मध्य प्रदेश की राजनीति में निगम–मंडलों और विकास प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों की बड़ी तैयारी शुरू हो चुकी है। सीएम मोहन यादव के दावोस से आने के बाद एमपी में निगम मंडलों की नियुक्तियों का ऐलान होगा। दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही इन नामों की औपचारिक घोषणा कभी भी हो सकती है।
मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटकी निगम-मंडल और प्राधिकरणों की राजनीतिक नियुक्तियों का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। भाजपा नेतृत्व ने तय किया है कि इस बार सभी नियुक्तियां एक साथ की जाएंगी, ताकि संगठनात्मक संतुलन और राजनीतिक संदेश दोनों साधे जा सकें। पहले योजना थी कि विंध्य, बुंदेलखंड और महाकोशल जैसे क्षेत्रों में चरणबद्ध नियुक्तियां होंगी, लेकिन महाराष्ट्र चुनाव और केंद्रीय व्यस्तताओं के चलते मामला टलता रहा। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दावोस दौरे से लौटने के बाद, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के साथ होने वाली अहम बैठक में नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अंदरखाने की खबरों के मुताबिक, करीब 35 नेताओं की सूची लगभग तैयार है, और दिल्ली से मंजूरी मिलते ही इसे सार्वजनिक किया जाएगा। सबसे बड़ा नाम प्रदेश के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उनकी वरिष्ठता और अनुभव को देखते हुए उन्हें कोई बड़ी संवैधानिक या राजनीतिक जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा है। इसके अलावा पन्ना से पांच बार के विधायक ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, हरिशंकर खटीक, अजय विश्नोई और अर्चना चिटनीस जैसे कद्दावर नेताओं को निगम–मंडलों की कमान सौंपे जाने की संभावना है।
कांग्रेस से भाजपा में आए अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह का नाम भी सूची में बताया जा रहा है। पार्टी का उद्देश्य उन नेताओं को फिर से सक्रिय भूमिका में लाना है, जो फिलहाल किसी पद पर नहीं हैं। इस पूरी कवायद के जरिए भाजपा क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश भी कर रही है, ताकि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बने और आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए मजबूत रणनीति तैयार की जा सके।



