Indore: इंदौर दूषित पानी कांड, रेसीडेंसी पर हाई लेवल बैठक में हुआ ये फैसला

इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, वहीं सैकड़ों लोग अब भी बीमार हैं। मामले को लेकर शुक्रवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रेसीडेंसी कोठी पर हाई लेवल बैठक की। इस बैठक में मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर, एसीएस संजय दुबे, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव सहित प्रशासन और निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जाँच समिति की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई और तय किया गया कि पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजी जाएगी।
बैठक के बाद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, भागीरथपुरा में हालात बेहद गंभीर हैं और यह इंदौर के लिए बहुत बड़ा हादसा है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री मोहन यादव बड़ा और सख्त एक्शन लेंगे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में जितने भी टेंडर हुए हैं, उन सभी कार्यों को तत्काल शुरू कराया जाएगा। शहर में पानी की समस्या को अब सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और जनता की पानी से जुड़ी शिकायतों को सबसे पहले सुना जाएगा।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि अधिकारियों की कमी के कारण वर्क लोड बढ़ा है, जिसे देखते हुए जल्द ही अधिकारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मौतों के आंकड़ों को लेकर भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों में 4 मौतें दर्ज हैं, लेकिन वे खुद मौके पर जाकर आए हैं, जहां 8 मौतों की जानकारी सामने आई है। इस पूरे मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से उपजे इस संकट ने स्वच्छ शहर की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री मोहन यादव पर टिकी हैं, जो जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों पर क्या बड़ा एक्शन लेते हैं।



