Indore: भागीरथपुरा दूषित जल से 17वीं मौत का दावा, हालात सुधारने में जुटा प्रशासन

इंदौर के भागीरथपुरा दूषित जल कांड से जुड़ी एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। दूषित पानी पीने से 17वीं मौत का दावा किया जा रहा है। हालांकि, हालात को काबू में लाने के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से मैदान में डटा हुआ है। कलेक्टर शिवम वर्मा खुद लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल भी निगम अमले के साथ मौके पर मौजूद हैं।
भागीरथपुरा क्षेत्र में हालात सामान्य करने के लिए प्रशासन दिन-रात काम कर रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा लगातार क्षेत्र का दौरा कर रहवासियों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें आवश्यक समझाइश दी जा रही है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल भी निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
दूषित जल कांड की गंभीरता को देखते हुए ICMR और भोपाल एम्स की विशेषज्ञ टीम भागीरथपुरा में सर्वे कर रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ घर-घर जाकर लोगों की स्थिति का आकलन कर रहे हैं और सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ मंथन भी किया गया, ताकि बीमारी की जड़ तक पहुंचकर प्रभावी इलाज और रोकथाम की रणनीति तैयार की जा सके।प्रशासन ने जल शुद्धता को लेकर सघन अभियान शुरू कर दिया है। भागीरथपुरा क्षेत्र के सभी शासकीय और निजी बोरिंग व होज का क्लोरिनेशन किया जा रहा है। जल आपूर्ति की हर स्तर पर निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह का दूषित पानी लोगों तक न पहुंचे।
प्रशासन की ओर से रहवासियों से अपील की गई है कि वे फिलहाल पानी उबालकर ही पीएं और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ले रही है।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो 142 लोग अभी उपचाररत हैं, जिनका निजी और शासकीय अस्पतालों में इलाज जारी है। जिला प्रशासन का दावा है कि स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है और प्रभावित क्षेत्र में हालात सामान्य करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, भागीरथपुरा दूषित जल कांड ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर मौतों का आंकड़ा चिंता बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम प्रशासन हालात को सामान्य करने के लिए पूरी ताकत झोंक चुका है। अब सवाल यही है कि कब तक भागीरथपुरा के लोग इस संकट से पूरी तरह उबर पाएंगे।



