MP: इंदौर के जल नायक बने CM मोहन यादव, नर्मदा के चौथे चरण का शुभारंभ

इंदौर के विकास को नई ऊंचाई देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहर को एक ऐतिहासिक सौगात दी है। 1356 करोड़ की विशाल जल योजना का भूमिपूजन और नर्मदा परियोजना के चैथे चरण का शुभारंभ। ये सिर्फ परियोजनाएं नहीं, बल्कि इंदौर के भविष्य की प्यास बुझाने की बड़ी तैयारी है। 24 घंटे पानी की सप्लाई और 900 डस्क् क्षमता के साथ शहर अब जल प्रबंधन में नई मिसाल बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के इतिहास में इंदौर शहर को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने 1356 करोड़ की जल योजना का भूमिपूजन करते हुए नर्मदा पेयजल परियोजना के चैथे चरण का शुभारंभ किया। इस परियोजना के जरिए इंदौर में 900 डस्क् पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और शहर को 24 घंटे जल सप्लाई देने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा प्यासे कंठ को अगर पानी की एक बूंद मिल जाए, तो वह नया जीवन दे देती है। उन्होंने इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया का जिक्र करते हुए कहा कि यह देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपोलिटन क्षेत्र बनने की ओर है, जहां भविष्य में डेढ़ करोड़ आबादी होगी। ऐसे में जल संसाधनों का मजबूत होना बेहद जरूरी है।
सीएम ने बताया कि, 1499 करोड़ के अतिरिक्त जल आपूर्ति कार्यों की सौगात भी दी जा रही है, जबकि अमृत योजना के तहत 1336 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ हुआ है। सीएम मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 1969 के बाद पहली बार शिप्रा नदी में शुद्ध जल से स्नान और आचमन कराया जाएगा।
इसके लिए 1000 करोड़ की योजना से बारिश के पानी को बड़े तालाबों में स्टोर किया जाएगा और फिर ग्रेविटी के जरिए शिप्रा में छोड़ा जाएगा, जिससे नदी का प्रवाह बना रहेगा।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि, इंदौर देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला शहर है और आने वाले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन की यह बड़ी योजना तैयार की गई है। उन्होंने इसके लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर सहित सभी जनप्रतिनिधियों की सराहना की है।
कुल मिलाकर इंदौर अब सिर्फ स्वच्छता में ही नहीं, बल्कि जल प्रबंधन में भी देश के लिए मिसाल बनने की ओर बढ़ रहा है। आने वाले सालों में ये परियोजनाएं शहर की लाइफलाइन साबित होंगी।



