MP: इंदौर-उज्जैन के बीच बनेगा हेल्थ एवं वेलनेस टूरिज्म कॉरिडोर, कुछ ऐसी है प्लानिंग

मध्यप्रदेश में हेल्थ सेक्टर को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। इंदौर और उज्जैन के बीच अब एक बड़ा हेल्थ एवं वेलनेस टूरिज्म कॉरिडोर विकसित किया जाएगा जिससे प्रदेश को देश के प्रमुख मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसको लेकर इंदौर में हाई-लेवल वर्कशॉप आयोजित की गई है.
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को हेल्थ एवं वेलनेस टूरिज्म कॉरिडोर को लेकर स्टेकहोल्डर कंसल्टेंट वर्कशॉप आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, हेल्थ कमिश्नर, आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और मेडिकल क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञ शामिल हुए। वर्कशॉप में इंदौर और उज्जैन को जोड़ते हुए एक समग्र मेडिकल कॉरिडोर विकसित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इस वर्कशॉप को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि…इससे तैयार होने वाला रोडमैप प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य इंदौर और उज्जैन को मिलाकर एक मजबूत मेडिकल हब के रूप में विकसित करना है। इस कॉरिडोर में आधुनिक एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और अन्य आयुष पद्धतियों को भी शामिल किया जाएगा… ताकि मरीजों को एक ही जगह पर समग्र स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि, सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है…और इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
यह प्रोजेक्ट न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि देश के मेडिकल टूरिज्म सेक्टर के लिए भी गेमचेंजर साबित हो सकता है। अब तक दिल्ली और मुंबई जैसे शहर इस क्षेत्र में अग्रणी रहे हैं… लेकिन इस कॉरिडोर के विकसित होने के बाद इंदौर-उज्जैन भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।



