MP में 48.29 लाख संपत्तियों की फ्री रजिस्ट्री, मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला

मध्य प्रदेश में आम जनता को बड़ा राहत देने वाला फैसला लिया गया है। मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। अब प्रदेश में 48 लाख से ज्यादा संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री की जाएगी। यानी जिन लोगों के पास वर्षों से जमीन या मकान है लेकिन कागजी अधिकार नहीं थे उन्हें अब कानूनी मालिकाना हक मिलेगा। सरकार ने स्वामित्व योजना को मंजूरी दे दी है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा फायदा होगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश की 48 लाख 29 हजार संपत्तियों को रिकॉर्ड में शामिल करने का फैसला लिया है। मंत्री चैतन्य कश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि, इस योजना के तहत उन लोगों को राहत मिलेगी जो सालों से किसी जमीन या मकान पर काबिज हैं, लेकिन उनके पास वैध दस्तावेज नहीं हैं। अब सरकार उन्हें निःशुल्क रजिस्ट्री के जरिए कानूनी मालिकाना हक देगी।
इतना ही नहीं सरकार स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी पूरी छूट दे रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार के मुताबिक इस फैसले से प्रदेश के लाखों परिवार सीधे लाभान्वित होंगे और संपत्ति से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी। हालांकि, इस योजना से सरकार पर करीब 3800 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, लेकिन इसे जनहित में बड़ा फैसला माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश सरकार का यह फैसला न सिर्फ लोगों को उनका हक दिलाने वाला है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संपत्ति से जुड़े विवादों को खत्म करने की दिशा में भी बड़ा कदम माना जा रहा है।



