MP: 27 प्रतिशत OBC आरक्षण पर सरकार की बड़ी तैयारी, CM मोहन यादव की बैठक में प्लान तैयार

मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ अहम बैठक की है। अब सवाल यही है कि क्या मध्य प्रदेश सरकार 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएगी?
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर कानूनी लड़ाई अब अगले पड़ाव पर आ सकती है। 27 फीसदी आरक्षण के मुद्दे पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार आगे की कानूनी रणनीति तैयार कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और प्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ बैठक की। बैठक का केंद्र रहा हाईकोर्ट के निर्णय के कानूनी पहलुओं का आकलन और आगे की कार्रवाई की रूपरेखा।
दरअसल, मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है। हाल ही में हाईकोर्ट के फैसले के बाद 27 फीसदी आरक्षण के बजाय 14 फीसदी आरक्षण लागू रहने की स्थिति सामने आई है। इस फैसले के बाद प्रदेश में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में हुई बैठक में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और महाधिवक्ता प्रशांत सिंह के साथ इस निर्णय से जुड़े विधिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। साथ ही संभावित अगली कानूनी कार्रवाई की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के विकल्प पर विचार कर रही है। 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर अब सबकी नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर है।



