MP में नियुक्तियों का सिलसिला, 123 नगर परिषद में 492 एल्डरमैन नियुक्त

मध्य प्रदेश में एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. सरकार ने 25 जिलों की 123 नगर परिषदों में मनोनीत पार्षदों की सूची जारी कर दी है. हालांकि चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में नामों को लेकर सहमति नहीं बनने से सूची फिलहाल रोक दी गई है. इस फैसले के बाद प्रदेश की नगरीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है.
मध्य प्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर रविवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया. नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 25 जिलों की 123 नगर परिषदों में मनोनीत पार्षदों की सूची जारी कर दी. यह फैसला न सिर्फ स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली को मजबूती देने वाला माना जा रहा है, बल्कि राजनीतिक और संगठनात्मक संतुलन साधने की दिशा में भी अहम कदम है. हालांकि, चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र की सूची फिलहाल होल्ड पर रखे जाने से यह साफ है कि कुछ क्षेत्रों में सहमति अभी भी नहीं बन पाई है.
इस घोषणा के साथ ही प्रदेश की नगरीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है. एल्डरमैन यानी मनोनीत पार्षदों की भूमिका परिषदों में महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि ये नीतिगत फैसलों और स्थानीय विकास योजनाओं में सीधा हस्तक्षेप रखते हैं. ऐसे में इन नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से राजनीतिक खींचतान चल रही थी. अब सूची जारी होने के बाद जहां कई कार्यकर्ताओं को मौका मिला है, वहीं जिन क्षेत्रों में नाम तय नहीं हो सके, वहां असंतोष की स्थिति भी बन सकती है.



