MP में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज, परफॉर्मेंस के आधार पर तय होगा मंत्रियों का भविष्य

मध्यप्रदेश की सत्ता के गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी टीम का बड़ा रिव्यू करने जा रहे हैं, और ये रिव्यू सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि मंत्रियों के भविष्य का फैसला करने वाला साबित हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, परफॉर्मेंस के आधार पर मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा, और कमजोर प्रदर्शन करने वालों की छुट्टी भी तय मानी जा रही है।
मोहन सरकार के आधे कार्यकाल के बीच अब “टीम मोहन” में बदलाव की बारी आ गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव 21 से 23 मई तक लगातार तीन दिन मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे, जहां हर मंत्री से उसके विभाग के कामकाज का पूरा हिसाब लिया जाएगा। इस हाईलेवल रिव्यू में संगठन भी पूरी तरह एक्टिव रहेगा। बैठक में बीजेपी के बड़े संगठनात्मक चेहरे मौजूद रहेंगे, बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के सामने सभी मंत्रियों का वन-टू-वन होगा।
हर मंत्री की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली आलाकमान को भेजी जाएगी जिसके आधार पर तय होगा कि कौन रहेगा और कौन जाएगा। मोहन कैबिनेट में अभी भी चार पद खाली हैं ऐसे में नए चेहरों की एंट्री तय मानी जा रही है। वहीं कई सीनियर विधायक मंत्री बनने की रेस में हैं जिससे सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है।
सूत्रों की मानें तो विधानसभा के मानसून सत्र से पहले ही कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है, कुल मिलाकर परफॉर्म करो या बाहर हो जाओ” की लाइन पर अब मोहन सरकार आगे बढ़ रही है। कमजोर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों की कुर्सी खतरे में है।



