MP: इंदौर में जलसंकट पर CM मोहन यादव सख्त, ACS अनुपम राजन ने संभाला मोर्चा

इंदौर में गहराते जलसंकट ने अब सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भोपाल से अफसरों की टीम इंदौर भेजी। इंदौर संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने खुद मोर्चा सँभालते हुए आपातकालीन बैठक ली और जनप्रतिनिधियों के साथ मंथन कर जलसंकट से निपटने का रोडमैप तैयार किया गया।
इंदौर में पानी की किल्लत अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने तुरंत सख्त रुख अपनाया और भोपाल से वरिष्ठ अधिकारियों की टीम को इंदौर भेजा गया। रेसीडेंसी कोठी में आयोजित आपातकालीन बैठक में जिला प्रशासन, नगर निगम अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर जलसंकट के समाधान पर गहन मंथन किया।
तीन दिन पहले ही विधायक महेंद्र हार्डिया ने महापौर के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जल व्यवस्था पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और अब हालात सुधारने के लिए तेज़ी से कदम उठाए जा रहे हैं। बैठक में शहर के प्रमुख विधायक महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, रमेश मेंदोला, मधु वर्मा, मालिनी गौड़ और सांसद शंकर लालवानी मौजूद रहे।
बैठक में जल संकट से निपटने के लिए कई अहम सुझाव सामने आए। शहर में टैंकरों की संख्या बढ़ाने, पानी की सप्लाई को बेहतर करने और टंकियों के भरने के समय को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया। साथ ही नए हाइड्रेंट पॉइंट बनाकर टैंकरों के जरिए जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की रणनीति तैयार की गई है, ताकि प्रभावित इलाकों तक जल्द राहत पहुंचाई जा सके।
फिलहाल, प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर इंदौर के जलसंकट को काबू में करने की कोशिश में जुटे हैं। अब देखना होगा कि ये रणनीति जमीनी स्तर पर कितनी कारगर साबित होती है और शहरवासियों को राहत कब तक मिल पाती है।



