MP: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, 17 सितंबर से स्वामित्व योजना का आगाज

राजधानी भोपाल में मोहन कैबिनेट की बैठक, और फैसलों की फेहरिस्त ने साफ कर दिया कि सरकार का फोकस विकास से लेकर किसान, युवा, शिक्षा और संपत्ति के अधिकार तक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। 17 सितंबर से स्वामित्व योजना की शुरुआत, चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को मंजूरी, शिक्षा विभाग में नए पद और दुबई दौरे से आए 53 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों की जानकारी सामने आई।
मोहन कैबिनेट ने प्रदेश के विकास से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में हुई बैठक में परिवहन, शिक्षा, किसानों, युवाओं और भू-स्वामियों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। बैठक के फैसलों की जानकारी स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दी। सबसे बड़ा फैसला रहा प्रदेश में स्वामित्व योजना के आगाज को लेकर। 17 सितंबर से इंदौर में इस योजना की शुरुआत की जाएगी। स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश में करीब 68 लाख अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। सरकार के मुताबिक निजी समितियों का पंजीयन भी निःशुल्क किया जाएगा।
वहीं कैबिनेट ने चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को जारी रखने की अनुमति भी दी है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग के तहत अनूपपुर और शहडोल में नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया दुबई दौरे से जुड़े निवेश प्रस्तावों की भी जानकारी दी गई। सरकार के मुताबिक इस दौरे से मध्यप्रदेश को करीब 53 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को गति मिलेगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी भी दी गई।
यानी कैबिनेट के फैसलों में एक तरफ भू-स्वामियों को संपत्ति का अधिकार मजबूत करने पर जोर है, तो दूसरी तरफ सिंचाई, शिक्षा और निवेश के जरिए प्रदेश के विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की तैयारी दिखाई दे रही है।



