MP: डेली कॉलेज में संघ, सियासत में जंग!, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया फिर आमने-सामने

इंदौर का प्रतिष्ठित डेली कॉलेज, आरएसएस का आयोजन और सियासत में छिड़ा राजा-महाराज का संग्राम! एक तरफ दिग्विजय सिंह ने सवाल दागा कि संघ का कार्यक्रम इंदौर के डेली कॉलेज में ही क्यों, ग्वालियर के स्कूल में क्यों नहीं? तो दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ऐसा पलटवार किया कि सीधे 2020 की सियासी अदावत का फ्लैशबैक सामने आ गया। सिंधिया बोले – दिग्विजय सिंह कभी-कभी बातें भूल जाते हैं, इसलिए उन्हें समय-समय पर याद दिलाना पड़ता है३ ठीक वैसे ही, जैसे 2020 में याद दिलाया था!
इंदौर का डेली कॉलेज अपनी ऐतिहासिक पहचान और प्रतिष्ठा के लिए मशहूर है, लेकिन अब यही संस्थान सियासी बयानबाजी के केंद्र में आ गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आयोजन को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि ज्योतिरादित्य सिंधिया संघ के कार्यक्रम इंदौर आकर डेली कॉलेज में क्यों करते हैं, ग्वालियर के अपने स्कूल में क्यों नहीं?
दिग्विजय के इस सवाल ने बहस को सिर्फ आयोजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसके साथ जुड़ गए राजा और महाराज के पुराने सियासी रिश्ते और टकराव। दिग्विजय सिंह के बयान पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जवाब देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह कभी-कभी बातें भूल जाते हैं, इसलिए उन्हें समय-समय पर याद दिलाना पड़ता है ठीक वैसे ही, जैसे 2020 में याद दिलाया था।
सिंधिया का यह तंज सीधे उस सियासी दौर की याद दिलाता है, जब मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ था और सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। सिंधिया ने डेली कॉलेज को अपने परिवार की संस्था बताते हुए कहा कि इसकी स्थापना उनके परिवार ने की थी।
ऐसे में संघ के आयोजन को लेकर उठे सवाल पर जवाब भी इतिहास और सियासतकृ दोनों के संदर्भ में दिया गया। अब इस बयानबाजी ने एक बार फिर मध्य प्रदेश की राजनीति में राजा-महाराज की जानी-पहचानी तकरार को चर्चा में ला दिया है।



