MP: मंत्रियों को देना होगा 3 साल के कामकाज का हिसाब!, CM मोहन यादव लेंगे काम काज का लेखा जोखा

मध्यप्रदेश में मोहन सरकार अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करने की तैयारी में है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों के कामकाज का हिसाब लेने जा रहे हैं। मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं, उनसे यह भी पूछा जाएगा कि उन्होंने प्रभार वाले जिलों में कितने दौरे किए और कितनी बार रात्रि विश्राम किया। सरकार जहां तीन साल के विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखने की तैयारी कर रही है।
मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार 13 दिसंबर को अपने कार्यकाल के तीन साल पूरे करने जा रही है। इस मौके पर सरकार जनता के सामने तीन साल के कामकाज और विकास कार्यों का लेखा-जोखा रखने की तैयारी में है। साथ ही, आने वाले दो साल के लिए विकास कार्यों का रोडमैप भी प्रस्तुत किया जाएगा , लेकिन इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड लेंगे। सभी मंत्रियों को अपने-अपने विभागों की रिपोर्ट तैयार रखने के निर्देश दिए गए है।
इस समीक्षा में विभागीय उपलब्धियों के साथ-साथ प्रभार वाले जिलों में मंत्रियों की सक्रियता का हिसाब भी मांगा जाएगा। मंत्रियों से पूछा जाएगा कि उन्होंने अपने प्रभार वाले जिलों में कितनी बार दौरे किए और कितनी रातें वहां रुककर बिताईं। यानी अब केवल बैठकों और घोषणाओं का नहीं, बल्कि जिलों में मंत्रियों की मौजूदगी का ब्योरा भी समीक्षा का हिस्सा बन सकता है।
बता दें कि, प्रभार वाले जिलों में नियमित दौरे और रात्रि विश्राम को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में इस समीक्षा के जरिए यह परखने की कोशिश होगी कि मंत्री अपने जिम्मेदारी वाले जिलों में कितने सक्रिय रहे और स्थानीय स्तर पर सरकारी योजनाओं की स्थिति क्या है।
आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में विकास कार्यों को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। एक ओर भाजपा सरकार अपने कार्यकाल की उपलब्धियां जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी, तो दूसरी ओर कांग्रेस उन दावों की जमीनी पड़ताल करने का दावा कर रही है। कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में सरकार के तीन साल पूरे होने से पहले मंत्रियों की समीक्षा और विकास कार्यों का लेखा-जोखा राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है।



