MP: गरीबों के घर टूटने पर शिवराज सिंह चौहान नाराज, पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में गरीब परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. और इस मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान खुद मैदान में उतर गए हैं! कोसमी आए शिवराज ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की… उनके उजड़े आशियाने देखे… मौके से ही मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन लगाया… बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को भी पूरे मामले की जानकारी दी… और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा करने की बात कही। शिवराज ने साफ कहा – गरीब परिवारों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा… जिनके घर टूटे हैं, उन्हें घर बनाकर दिए जाएंगे।
बुधनी विधानसभा का कोसमी गांव… टूटे मकान… बर्बाद फसलें… और अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर परेशान परिवार! वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई में गरीब परिवारों के घर तोड़े जाने के मामले में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान कोसमी पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। परिवारों की परेशानी सुनने के बाद शिवराज ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर बड़े अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए।
शिवराज सिंह चैहान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल से ही मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को फोन किया और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को भी पूरे मामले की जानकारी दी। शिवराज ने कहा कि वन विकास निगम ने सरे अरमान उजाड़ दिए , मेहनत से बोई हुई फसल कुचल दी , घरों को खंडहरों में तब्दील कर दिया। कुछ भी नहीं बचा है। ये सब मुख्यमंत्री को बताऊंगा , ये मुख्यमंत्री और पार्टी को बदनाम करने की साजिश है। इन्ही के वोट से हम जीतते है।
शिवराज सिंह चैहान ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को राहत दिलाना प्राथमिकता है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही और आश्वासन दिया कि जिनके घर टूटे हैं, उनके लिए आवास की व्यवस्था की जाएगी। कोसमी में घर टूटने का मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा बन गया है।



