MP: साध्वी ऋतंभरा के आगमन से गूंजा भोजशाला परिसर, भक्तों में खुशी की लहर

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में उस समय अध्यात्म और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला, जब राम जन्मभूमि और भोजशाला आंदोलन की प्रमुख चेहरा रहीं दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा यहाँ आई, साध्वी ऋतंभरा के आगमन की खबर मिलते ही सुबह से ही भोजशाला के बाहर और भीतर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है।
पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘मां वाग्देवी की जय’ के गूंजते जयघोषों से सराबोर हो गया, भोजशाला आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से एक रहीं साध्वी ऋतंभरा ने परिसर में प्रवेश कर मां वाग्देवी कि आराधना की है, उन्होंने देश में शांति, सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए प्रार्थना की है. इस दौरान प्रशासनिक अमला और पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आया.
साध्वी ऋतंभरा की अपील दर्शन के उपरांत मीडिया और समर्थकों से बात करते हुए साध्वी ऋतंभरा ने भोजशाला को लेकर आए न्यायिक फैसलों और एएसआई (ASI) के निष्कर्षों का स्वागत किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर इस विवादित परिसर को राजा भोज कालीन वाग्देवी का मंदिर माना है. ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस भारत लाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू हुई कूटनीतिक पहलों के बाद धार के हिंदू संगठनों में पहले से ही जश्न का माहौल है.
स्थानीय भक्तों का कहना है कि, आंदोलन के प्रमुख चेहरों का इस तरह भोजशाला पहुंचना उनके वर्षों पुराने संघर्ष की आहुति के सफल होने जैसा है.
कुलमिलाकर, देखा जाए तो मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में उस समय अध्यात्म और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला, जब राम जन्मभूमि और भोजशाला आंदोलन की प्रमुख चेहरा रहीं दीदी माँ साध्वी ऋतंभरा यहाँ आई, साध्वी ऋतंभरा के आगमन की खबर मिलते ही सुबह से ही भोजशाला के बाहर और भीतर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है।



