MP के राज्यपाल मंगूभाई पटेल का कार्यकाल पूरा, नई नियुक्ति नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका

मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के कार्यकाल को लेकर छिड़ी संवैधानिक बहस अब हाईकोर्ट के फैसले की दहलीज तक पहुंच गई है। जबलपुर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। याचिका में मांग की गई है कि नए राज्यपाल की नियुक्ति होने तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को राज्यपाल का प्रभार सौंपा जाए।
मामला मध्यप्रदेश के राज्यपाल के कार्यकाल से जुड़ा है और सवाल सीधे संवैधानिक व्यवस्था पर है। जबलपुर हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल के कार्यकाल को लेकर दायर जनहित याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। याचिका जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. एमए खान की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि मंगुभाई पटेल ने 8 जुलाई 2021 को मध्यप्रदेश के राज्यपाल का पद संभाला था और याचिकाकर्ता के अनुसार उनका पांच वर्ष का कार्यकाल जुलाई 2026 में पूरा हो चुका है।
याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 153 और 156 का हवाला देते हुए मांग की है कि नए राज्यपाल की नियुक्ति होने तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को राज्यपाल का प्रभार सौंपा जाए। याचिका में पूर्व के उदाहरणों का भी उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से अदालत में अनुच्छेद 156 का हवाला देते हुए तर्क रखा गया कि उत्तराधिकारी के पद संभालने तक मौजूदा राज्यपाल पद पर बने रह सकते हैं। यानी इस मामले में अदालत के सामने संविधान के प्रावधानों की अलग-अलग व्याख्याएं रखी गईं। कुल मिलाकर राजभवन से लेकर हाईकोर्ट तक पहुंचा ये मामला अब अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा है।



