MP: सेंट्रल जेल में कृष्ण जन्माष्टमी का रंग, CM मोहन यादव ने झुलाया कान्हा का पालना

भोपाल सेंट्रल जेल में इस बार जन्माष्टमी का रंग कुछ अलग ही नजर आया और इसी भक्तिमय माहौल के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद सेंट्रल जेल पहुंचे। सीएम ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का पूजन किया। कृष्ण जन्माष्टमी के इस मंच से मुख्यमंत्री ने जेल सुधारों और बंदियों के भविष्य को लेकर सरकार की नीतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि, गलती करने वाला अगर खुद को सुधारता है तो सरकार उसकी मदद करेगी।
भोपाल सेंट्रल जेल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया गया। जेल परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के भजनों से माहौल पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। इसी आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया… आरती उतारी और श्रद्धापूर्वक पालना झुलाया। जन्माष्टमी के मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जेलों में किए जा रहे सुधारों का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि, बंदियों की भीड़ कम करने के लिए प्रदेश में 79 नए बैरक बनाए गए हैं। नई रिहाई नीति के बाद जेलों में बंदियों की संख्या का दबाव भी कम हुआ है। सीएम ने कहा कि, अंग्रेजों के समय के कानूनों में बदलाव किया गया है और केंद्र के जेल मॉडल कानून को प्रदेश में लागू किया गया है। सरकार का फोकस सिर्फ बंदियों को सजा देने तक नहीं, बल्कि उन्हें सुधारने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, जेल से बाहर आने के बाद कैदियों को रोजगार मिले, इसके लिए भी सरकार प्रयास कर रही है। बंदियों के स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान कार्ड की सुविधा, ध्यान-योग और परामर्श केंद्र जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं। वहीं जेल विभाग में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन देने के साथ खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी सरकार कर रही है। जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के सभी बंदियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की. उन्होंने घोषणा की कि सभी पात्र बंदियों की सजा में एक महीने की विशेष छूट दी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, जाने-अनजाने में बंदियों से गलती हुई है…लेकिन अगर वे अपनी गलती से सीखकर खुद को सुधारते हैं, तो सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। यानी जन्माष्टमी के मौके पर जेल की सलाखों के बीच कृष्ण भक्ति के साथ मुख्यमंत्री का संदेश भी साफ था… सजा के साथ सुधार… सुधार के साथ सम्मान… और सुधरने वाले बंदियों के लिए नई जिंदगी का रास्ता।



