MP में भक्तिभाव से मनाया जा रहा जन्माष्टमी पर्व, कृष्ण रासलीला देख भावुक हुए CM डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश के मुखिया CM डॉ. मोहन यादव रविंद्र भवन में आयोजित सात दिवसीय रासलीला समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि, श्रीकृष्ण का जीवन संघर्षों से भरा रहा। जन्म से ही संकटों का सामना करने वाले कृष्ण ने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी और आगे चलकर दुनिया को श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राधा-कृष्ण की जीवित झांकी की आरती उतारी और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
रासलीला समारोह में ब्रज से आए कलाकारों ने गोवर्धन लीला और रास की भूमिका का मंचन किया। ब्रज भाषा में हुए इस प्रदर्शन में दिखाया गया कि किस तरह बालकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र पूजा के बजाय गोवर्धन पर्वत, गौवंश और प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होने का संदेश दिया। इसके बाद कृष्ण की बांसुरी और गोपियों के प्रेम पर आधारित रास की भूमिका प्रस्तुत की गई। समारोह में इसे भक्ति और जीवात्मा-परमात्मा के आध्यात्मिक संबंध के प्रतीक के रूप में दिखाया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि, भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश से गहरा संबंध रहा है। वे यहां आए, शिक्षा प्राप्त की और कान्हा से योगीराज श्रीकृष्ण बनने की यात्रा पूरी की। प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं, उन स्थानों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, भगवान श्रीकृष्ण 64 कलाओं और 14 विद्याओं के ज्ञाता थे। उनका जीवन आज भी समाज को कर्म, ज्ञान और भक्ति का संदेश देता है।
कुलमिलाकर, देखा जाए तो CM डॉ. मोहन यादव रविंद्र भवन में आयोजित सात दिवसीय रासलीला समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राधा-कृष्ण की जीवित झांकी की आरती उतारी और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया है।



