MP: इंदौर से इंद्रेश उपाध्याय का खास कन्केशन, श्रीमद् भागवत कथा में बताई खास बात

‘इंदौर ऐसी पुण्य भूमि है, जिसके एक ओर महाकाल और दूसरी ओर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग हैं। यहां के भक्तों को रास में सीधे प्रवेश मिल सकता है।’ यह बात कथावाचक इन्द्रेश उपाध्याय ने शुक्रवार को एमआर-10 स्टार चौराहे पर शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कही। कृष्ण भक्ति के भजनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महाराज ने कहा कि, इंदौर से उनका गहरा नाता है। उनके माता-पिता मानते थे कि यहां के एक महात्मा के आशीर्वाद से उनका जन्म हुआ। यहां के युवाओं से उन्हें हमेशा प्रेम मिला है।
गोयल परिवार की ओर से पूज्य माताजी स्व. चमेलीदेवी गोयल और पिताजी स्व. श्रीमन्नालाल गोयल की स्मृति में कथा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजक आशीष गोयल के अनुसार, परिवार में गुरुजनों के प्रति श्रद्धा और सम्मान की परंपरा रही है। इसी भावना के साथ यह धार्मिक आयोजन किया जा रहा है, जिसमें गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी मिलेगा। यजमान आशीष गोयल ने बताया कि, यह हमारा सौभाग्य है कि महाराज जी अपने ठाकुर जी राधा गिरधर और अर्धांगिनी के साथ पधारे हैं। 7 दिन तक उनके सानिध्य में कथा का श्रवण करना पूरे शहर के लिए सौभाग्य की बात है। यह आयोजन केवल कथा सुनने का अवसर नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़ने और उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का भी माध्यम है। महाराज जी के मुखारविंद से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर श्रद्धालु आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे।
‘गिरधारी कहो बनवारी’ भजन की शुरुआत के साथ ही पंडाल में भक्ति और उल्लास का ऐसा रंग चढ़ा कि हर कोई झूमने लगा। इसके बाद महाराज ने ‘श्याम संग राधा नाचे रे’, ‘जगन्नाथ’ और ‘रास रचाई’ भजनों को एक के बाद एक जोड़कर सुनाया। भजनों की लय और कृष्ण नाम की गूंज के बीच श्रद्धालु खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। कोई हाथ उठाकर झूम रहा था, तो कोई तालियां बजाते हुए भक्ति में डूबा था। देखते ही देखते पूरा पंडाल नाचने लगा। हर तरफ कृष्ण भक्ति, संगीत और आनंद का ऐसा माहौल बना कि श्रद्धालु भजनों के सुरों के साथ भावविभोर होकर झूमते रहे।
करीब 10 एकड़ क्षेत्र में आयोजित कथा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मंच को श्रीकृष्ण, गाय-बछड़े और मोर की आकृतियों वृंदावन के स्वरूप में सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 250 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। धूप और बारिश से बचाव के लिए पंडाल के साथ पार्किंग से कथा स्थल तक करीब 15 फीट चौड़ा शेड बनाया गया है। कथा सभी श्रद्धालुओं को स्पष्ट दिखाई दे, इसके लिए 12 बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। मेडिकल सुविधा के लिए एंबुलेंस, डॉक्टर और फर्स्ट एड की व्यवस्था है। फायर सेफ्टी के साथ पुलिस और सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं। कथा प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक आयोजित होगी।



