MP को औद्योगिक हब बनाने की तैयारी, इंडिया केम-2026 में शामिल हुए CM मोहन यादव

मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में सरकार ने अपना फोकस तेज कर दिया है। मुंबई के बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, पीएम मित्रा पार्क से प्रदेश को टेक्सटाइल सेक्टर में नई पहचान मिल रही है, वहीं विजयपुर और सीहोर में गेल की परियोजनाएं औद्योगिक विकास को नई गति देने की क्षमता रखती हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद करीब 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में काम आगे बढ़ने का दावा किया गया है।
मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी है। टेक्सटाइल से लेकर गैस प्रसंस्करण और पेट्रोकेमिकल सेक्टर तक, सरकार प्रदेश में निवेश के नए अवसर विकसित करने पर जोर दे रही है। इसी मिशन को लेकर मुख्यमंत्री गुरुवार को मुंबई के बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया केम-2026 में शामिल हुए जहाँ उन्होंने कहा कि, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद लगभग 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में काम आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मित्रा पार्क को मध्यप्रदेश की टेक्सटाइल क्षेत्र में विशेष पहचान बनाने वाला कदम बताया। वहीं, विजयपुर में गेल का आधुनिक गैस प्रसंस्करण ढांचा और सीहोर में गेल की पेट्रोकेमिकल परियोजना प्रदेश के औद्योगिक विकास को मजबूती देने वाली पहलों के रूप में सामने आ रही हैं।
सरकार का कहना है कि. उद्योगों को आकर्षित करने के लिए बिजली, पानी, भूमि, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं और निवेश-अनुकूल नीतियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश के विकास और सुरक्षा में योगदान देने के साथ निवेश, उत्पादन और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनना चाहता है। उन्होंने वर्ष 2040 तक भारत के केमिकल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र को एक ट्रिलियन डॉलर की इंडस्ट्री बनाने के लक्ष्य में मध्यप्रदेश की भागीदारी पर भी जोर दिया।
कुल मिलाकर मध्यप्रदेश के सामने अब बड़ी चुनौती निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और उनका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने की है। सरकार का लक्ष्य साफ है मध्यप्रदेश को निवेश, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाना।



