MP: मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले, नर्मदा घाटी की योजनाओं के लिए 3,378 करोड़ मंजूर

मध्यप्रदेश में मोहन कैबिनेट की बैठक में विकास से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं! नर्मदा घाटी की परियोजनाओं के लिए ₹3,378 करोड़ , सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं के लिए 351 करोड़ मंजूरी और नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खोलने का फैसला लिया गया। यानी सिंचाई से लेकर सामाजिक कल्याण और शिक्षा तक सरकार ने कई मोर्चों पर अपना फोकस बढ़ाया है। साथ ही किसान कल्याण वर्ष की समीक्षा में कम बारिश वाले 12 जिलों की रिपोर्ट भी तलब की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अहम मंजूरियां दी गईं। बैठक के बाद मंत्री चैतन्य काश्यप ने फैसलों की जानकारी दी। सबसे बड़ा फैसला नर्मदा घाटी विकास विभाग की चार योजनाओं को जारी रखने का रहा, जो वर्ष 2019-20 से संचालित हैं। इन योजनाओं के तहत कुल 3,378 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों में चल रही हैं।
कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग से जुड़ा है। विभाग की सात योजनाओं के लिए ₹351 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन योजनाओं के जरिए सामाजिक न्याय और दिव्यांगजन कल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने अहम कदम उठाया है। नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी यानी क्म्व् कार्यालय खोलने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही इन कार्यालयों के लिए जरूरी पदों को भी स्वीकृति मिली है।
वहीं, बैठक में किसान कल्याण वर्ष के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग ने अपनी योजनाओं का प्रेजेंटेशन दिया। इसके साथ ही प्रदेश के 12 जिलों में कम बारिश को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। कुल मिलाकर, मोहन कैबिनेट के फैसलों में विकास परियोजनाओं, सामाजिक कल्याण, शिक्षा व्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों पर फोकस नजर आया।



