MP: जहां 100% रजिस्ट्री, वहां गांव में दिवाली मनाएंगे मंत्री, CM मोहन यादव ने दिया खास टास्क

इस दिवाली मध्यप्रदेश के कुछ गांवों में मंत्रियों की मौजूदगी में खुशियों का त्योहार मनेगा ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंत्रियों को खास जिम्मेदारी सौंपी है। जिन गांवों में स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि पर काबिज हितग्राहियों की 100 प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, वहां मंत्री खुद पहुंचेंगे और ग्रामीणों के साथ दिवाली और गोवर्धन पूजा मनाएंगे। इस योजना के तहत सरकार करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है।
मध्यप्रदेश में इस बार दिवाली का जश्न कुछ गांवों के लिए और भी खास होने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि स्वामित्व योजना के तहत जिन गांवों में आबादी भूमि पर काबिज हितग्राहियों की 100 प्रतिशत रजिस्ट्री हो चुकी है, वहां जाकर ग्रामीणों के साथ दिवाली और गोवर्धन पूजा मनाएं। मंत्रियों को स्थानीय नागरिकों के बीच पहुंचकर उनकी खुशियों में शामिल होने और योजना के फायदे बताने की जिम्मेदारी दी गई है। यानी इस बार गांवों में त्योहार के साथ मालिकाना हक मिलने का जश्न भी मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में बताया कि स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का आंकड़ा 50 लाख से बढ़कर 60 लाख तक पहुंच सकता है। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप के मुताबिक, मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत राज्य सरकार हितग्राहियों की रजिस्ट्री का शुल्क खुद वहन कर रही है। इस रजिस्ट्री के जरिए लोगों को उनकी आबादी भूमि पर मालिकाना हक का कानूनी प्रमाण मिलेगा। योजना के तहत सरकार करीब 10 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान लगा रही है। अब तक प्रदेश में 15 लाख रजिस्ट्रियां हो चुकी हैं, जबकि 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्री पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
यानी इस बार मध्यप्रदेश के गांवों में दिवाली सिर्फ रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि जमीन पर मालिकाना हक मिलने की खुशी का उत्सव भी बनेगी। जहां 100 प्रतिशत रजिस्ट्री पूरी, वहां मंत्री खुद ग्रामीणों के बीच पहुंचेंगे।



