MP: राम नाम के रंग में रंगे दिग्विजय सिंह, कंप्यूटर बाबा ने पहनाई राम नाम की माला

सियासत में इन दिनों दिग्विजय सिंह का एक नया अंदाज चर्चा में है… हाथों में राम नाम, गले में राम नाम लिखे पत्तों की माला और चेहरे पर सनातनी रंग! लेकिन गुना में सिर्फ दिग्विजय सिंह का राममय अंदाज ही सुर्खियां नहीं बटोर रहा… बल्कि मंच पर उनके बेटे जयवर्धन सिंह के साथ हुई एक दिलचस्प जुगलबंदी भी लोगों का ध्यान खींच रही है। बेटा पिता के अनुभव गिना रहा था… और पिता बीच-बीच में उसे सही आंकड़े याद दिलाते नजर आए। अब इस नजारे पर सियासी गलियारों में चुटकी ली जा रही है कि डबल पावर के सामने अनुभव की क्लास भी जरूरी है!
मध्यप्रदेश की सियासत में दिग्विजय सिंह की एक तस्वीर इन दिनों खूब चर्चा बटोर रही है… सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा पर निकले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पूरी तरह राम नाम के रंग में रंगे नजर आए। कंप्यूटर बाबा ने उन्हें राम नाम लिखे पत्तों की माला पहनाई… और देखते ही देखते यह तस्वीर चर्चा का विषय बन गई। दिग्विजय सिंह की यात्रा इन दिनों गुना जिले में है… जहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष और उनके विधायक बेटे जयवर्धन सिंह भी साथ नजर आए।
लेकिन गुना में चर्चा सिर्फ राम नाम की माला तक सीमित नहीं रही… मंच पर पिता-पुत्र के बीच ऐसा संवाद हुआ, जिसने लोगों को मुस्कुराने का मौका दे दिया। जयवर्धन सिंह अपने पिता दिग्विजय सिंह के अनुभव और उनकी यात्राओं का जिक्र कर रहे थे… इसी दौरान उन्होंने बताया कि बड़े साहब ने 3500 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा की थी। बेटे की बात सुनकर दिग्विजय सिंह भी सक्रिय हो गए… बीच मंच से ही उन्हें याद दिलाया कि नर्मदा परिक्रमा के बाद भारत जोड़ो यात्रा भी की थी।
जयवर्धन ने भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए उसकी दूरी 3500 किलोमीटर बता दी, लेकिन पिता ने तुरंत टोकते हुए कहा कि यात्रा 4 हजार किलोमीटर की थी। इसके बाद जयवर्धन ने भी अपनी बात सुधार ली… और 3500 की जगह 4 हजार किलोमीटर बोल दिया।
अब मंच पर पिता-पुत्र की इस जुगलबंदी का वीडियो और तस्वीरें चर्चा में हैं। लोग इस नजारे पर चुटकी लेते हुए कह रहे हैं… सियासत में चाहे कितनी भी बड़ी जिम्मेदारी मिल जाए, लेकिन अनुभव के मामले में पिता आखिर पिता ही होता है।



