MP: नशे के खिलाफ CM मोहन यादव के सख्त तेवर, पुलिस के नए अधिकारियों को दी नसीहत

मध्यप्रदेश में अब नशे के कारोबार पर निर्णायक प्रहार की तैयारी है… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस के नए अधिकारियों को साफ संदेश दे दिया है कि वर्दी पहनकर सिर्फ रील बनाने पर नहीं, बल्कि रियल समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान देना होगा। भोपाल की पुलिस अकादमी में दीक्षांत परेड समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद से लेकर नशे तक की चुनौती का जिक्र किया। सीएम ने कहा डाकुओं और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने वाली मध्यप्रदेश पुलिस अब ड्रग्स के विरुद्ध भी दृढ़ता से कार्रवाई कर वर्ष 2029 तक निर्णायक परिणाम देगी।
मध्यप्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस के नए अधिकारियों को साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था की चुनौतियों से निपटने में कोई ढिलाई नहीं चलेगी। भोपाल स्थित मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी के परेड ग्राउंड में आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने 44वें और 45वें बैच के उप पुलिस अधीक्षकों की पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। इसी दौरान उन्होंने पुलिस की चुनौतियों, नक्सलवाद और नशे के खिलाफ सरकार की रणनीति पर खुलकर बात की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, एक समय ऐसा भी था, जब लगता था कि नक्सलवाद का संकट कभी खत्म होगा भी या नहीं। आदिवासी अंचलों में कई विभागों का कामकाज तक ठप पड़ा था। लेकिन मध्यप्रदेश पुलिस ने डाकुओं और नक्सलवाद जैसी गंभीर चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया। मुख्यमंत्री ने नए चयनित पुलिस अधिकारियों से कहा आज का समय सोशल मीडिया का है, लेकिन हमारे सामने सोशल मीडिया से ज्यादा सोशल इशू सामने है , रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने में ध्यान होना चाहिए । डाकुओं और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने वाली मध्यप्रदेश पुलिस अब ड्रग्स के विरुद्ध भी दृढ़ता से कार्रवाई कर वर्ष 2029 तक निर्णायक परिणाम देगी।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नए पुलिस अधिकारियों को वर्दी की जिम्मेदारी और प्राथमिकता दोनों समझा दी हैं। एक तरफ नशे के कारोबार पर सख्त कार्रवाई का लक्ष्य… दूसरी तरफ सोशल मीडिया की चमक से दूर रहकर समाज की असली समस्याओं को सुलझाने की नसीहत।



