Indore: आग हादसे से दहला इंदौर, CM मोहन यादव ने जताई चिंता

इंदौर में हुए आग हादसे को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नई तरह की चुनौती बताते हुए कहा कि, आपदा में इलेक्ट्रॉनिक दरवाजा से सबसे ज्यादा खतरा होता है, ये इलेक्ट्रॉनिक प्रबंध आपदा में जान का खतरा बन जाते है। उन्होंने कहा कि, तकनीक के साथ सुरक्षा के उपाय जरूरी है, उन्होंने घटना की जाँच के सख्त निर्देश दिए है।
इंदौर से ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। तकनीक जो हमारी जिंदगी को आसान बनाने के लिए आई , वही मौत की वजह बन गई, इलेक्ट्रिक गाड़ी के चार्जिंग पॉइंट में धमाका हुआ और कुछ ही पलों में एक पूरा घर आग की लपटों में समा गया। डिजिटल लॉक सिस्टम, जो सुरक्षा के लिए लगाया गया था वही लोगों के लिए कैद बन गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे पर चिंता जताई उन्होंने इसे नई तरह की चुनौती बताया, मुख्यमंत्री ने कहा कि, इलेक्ट्रॉनिक दरवाजा सुरक्षा के लिए अच्छा है लेकिन आग लगने से सबसे ज्यादा खतरा उसी में रहता है। दुर्भाग्य से EV चार्जर से आग लग गई और अंदर का दरवाजा बंद हो गया, और 8 लोगों की मौत हो गई। ये नई प्रकार की चुनौती है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि, इलेक्ट्रॉनिक चार्जर भी जरुरी लेकिन इससे जान की सुरक्षा कैसे करे, इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधन हमें सुरक्षा तो देते है लेकिन चुनौती के समय में जान की आफत बन जाते है। वही सीएम मोहन यादव ने घटना की पूरी जाँच के निर्देश दिए है और लोगों से डिजिटल लॉक और EV चार्ज के इस्तेमाल के साथ सावधानी रखने की अपील की है।
सीएम मोहन यादव ने विश्वास जताया कि सरकार, विशेषज्ञ और नागरिक मिलकर इन नई चुनौतियों का समाधान निकालेंगे, कुल मिलाकर इंदौर जैसी घटनाएं हमें चेतावनी देती हैं कि वक्त रहते सतर्क होना जरूरी है।



