MP: महिला आरक्षण पर कांग्रेस का पलटवार, रीना बौरासी ने शुरू हुए जवाबी फायर

महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत अब आमने-सामने आ गई है…कांग्रेस को बीजेपी महिला आरक्षण विरोधी बता रही है। वहीं अब कांग्रेस ने पलटवार करते हुए प्रेस वार्ता में अपनी पूरी रणनीति साफ कर दी है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने मीडिया के सामने आकर बीजेपी के आरोपों को न सिर्फ खारिज किया बल्कि कई बड़े सवाल भी खड़े कर दिए… तो आखिर क्या है कांग्रेस का पूरा पक्ष…
महिला आरक्षण बिल पर छिड़ी सियासी जंग के बीच मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ने मोर्चा संभल लिया है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने प्रेस वार्ता कर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि कांग्रेस कभी भी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं रही बल्कि इस बिल की सबसे बड़ी समर्थक रही है…रीना ने याद दिलाया कि 2023 में महिला आरक्षण बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों में सर्वसम्मति से पास हुआ था…और उस समय कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने इसे तुरंत लागू करने की मांग की थी…
रीना सेतिया ने कहा कांग्रेस सबसे पहले महिला आरक्षण बिल लेकर आई और 2010 में राज्यसभा में पास कराया…लेकिन लोकसभा में बीजेपी ने इसे पास नहीं होने दिया… और अब 30 महीने बाद बीजेपी ने तीन दिन का विशेष सत्र बुलाकर सिर्फ नौटंकी की…उन्हें पता था कि उनके पास बहुमत नहीं है , और पश्चिम बंगाल व तमिलनाडु में चुनाव चल रहे है , इसलिए महिलाओं के वोट बैंक के लिए ये पूरा ड्रामा किया गया…
रीना ने साफ कहा कि हमारा विरोध महिला आरक्षण से नहीं… बल्कि परिसीमन को लेकर है…बीजेपी 2011 की जनगणना के आधार पर बिल लागू करना चाहती है…जबकि कांग्रेस चाहती है कि 2026 की जनगणना के हिसाब से इसे लागू किया जाए…
तो साफ है महिला आरक्षण को लेकर सियासत अब पूरी तरह दो ध्रुवों में बंट चुकी है…बीजेपी जहां कांग्रेस पर महिलाओं के हक रोकने का आरोप लगा रही है… वहीं कांग्रेस खुद को इस बिल का मूल समर्थक बताते हुए बीजेपी की मंशा पर सवाल उठा रही है।



