MP: बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी का बदलेगा नाम, अब ‘मां वाग्देवी भोजपाल’ विश्वविद्यालय से होगी पहचान

मध्यप्रदेश में एक बार फिर नाम बदलने की राजनीति ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। ताज़ा मामला राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से जुड़ा है, जहां नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पास होने के बाद राजनीति गरमा गई है। सरकार जहां इसे विश्वविद्यालय की स्वायत्त प्रक्रिया बता रही है. वहीं कांग्रेस इसे जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दे रही है।
भोपाल के बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी भोपाल का नाम बदलने जा रहा है। इसका नाम बदलकर ‘मां वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय’ किया जाएगा। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के नाम बदलने का प्रस्ताव अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पास कर दिया है, जिसके बाद यह मामला सरकार के पास जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का कहना है कि अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और प्रस्ताव मिलने के बाद सभी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा।
सरकार इसे एक स्वायत्त शैक्षणिक प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है और नियमों के अनुसार ही फैसला लेने की बात कह रही है। लेकिन इस मुद्दे पर विपक्ष हमलावर हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार नाम बदलने की राजनीति के जरिए जनता का ध्यान महंगाई, किसानों की समस्याओं, NEET पेपर लीक और विश्वविद्यालयों में कथित घोटालों जैसे गंभीर मुद्दों से भटकाना चाहती है।
कुल मिलाकर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन का मुद्दा अब केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सियासी बहस का केंद्र बन गया है। अब देखना होगा कि सरकार इस प्रस्ताव पर क्या फैसला लेती है और यह मुद्दा आगे कितनी सियासत को जन्म देता है। फिलहाल, नाम बदलने के इस मुद्दे ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।



