MP में 24 घंटे गुलजार रहेंगे बाजार, विधानसभा में नया श्रम विधेयक पेश

मध्य प्रदेश में कारोबार, रोजगार और नाइट इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में मोहन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। करीब दो साल बाद राज्य में रेस्टोरेंट, मॉल, सिनेमाघर, बिजनेस सेंटर और दुकानों को चौबीसों घंटे खोलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। विधानसभा के मानसून सत्र में श्रम विभाग ने श्मध्य प्रदेश कोड ऑन एंपावरिंग वर्क स्पेस-2026 विधेयक पेश किया है।
क्या मध्य प्रदेश भी अब मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों की तर्ज पर 24×7 काम करने वाला राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है? इसी दिशा में मोहन सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र में एक अहम विधेयक पेश किया है। मध्य प्रदेश कोड ऑन एंपावरिंग वर्क स्पेस-2026 विधेयक में चार अलग-अलग श्रम कानूनों को एकीकृत कर नई व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। यदि यह कानून लागू होता है, तो राज्य में रेस्टोरेंट, मॉल, सिनेमाघर, बिजनेस सेंटर, दुकानें और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान सप्ताह के सातों दिन, चैबीसों घंटे संचालित किए जा सकेंगे।
हालांकि, सरकार ने यह अधिकार अपने पास रखा है कि स्थानीय परिस्थितियों, कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए तय करेगी कि किन क्षेत्रों में 24 घंटे संचालन की अनुमति होगी और किन क्षेत्रों में नहीं।
इस विधेयक का एक और महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं से जुड़ा है। नए प्रावधान के अनुसार अब महिलाएं भी रात की शिफ्ट में काम कर सकेंगी, लेकिन इसके लिए नियोक्ता को केंद्र सरकार के ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड-2020 के तहत सुरक्षा, परिवहन, पर्याप्त सुविधाएं और महिला कर्मचारी की लिखित सहमति सुनिश्चित करनी होगी।
अब इस विधेयक पर विधानसभा में चर्चा होगी और उसके बाद इसे कानून का स्वरूप मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अगर यह विधेयक कानून बनता है, तो मध्य प्रदेश के कारोबार, रोजगार और शहरी जीवनशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। चैबीस घंटे खुलने वाले बाजारों से व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।



