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MP में राज्यसभा चुनाव पर सियासी घमासान, ECI की चुप्पी से बढ़ी कांग्रेस की धड़कन

मध्य प्रदेश की सियासत में इस वक्त सबसे बड़ा घमासान राज्यसभा चुनाव को लेकर मचा हुआ है। कांग्रेस प्रत्याशी मिनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट की दहलीज तक आ चुका है। कांग्रेस ने देर रात डिजिटल माध्यम से याचिका दाखिल कर रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को गैर-कानूनी और पक्षपातपूर्ण बताया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत और चुनाव आयोग क्या रुख अपनाते हैं… क्योंकि समय बहुत कम है और सियासी दांव बेहद बड़ा।

मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। कांग्रेस की उम्मीदवार मिनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने अब कानूनी लड़ाई का रास्ता चुना है। देर रात 1 बजकर 48 मिनट पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई, जिसमें रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को मनमाना और अवैध बताया गया है। हालांकि, इस याचिका पर सुनवाई कब होगी, यह अभी साफ नहीं है… और यही अनिश्चितता कांग्रेस की चिंता बढ़ा रही है।

इधर, इलेक्शन  कमीशन की चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आयोग इस मामले में कानूनी राय लेने के बाद ही कोई फैसला करेगा… लेकिन समय तेजी से निकल रहा है। गुरुवार दोपहर 3 बजे तक नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा है और यही डेडलाइन पूरे सियासी खेल को तय करेगी। अगर तय समय तक कोई राहत नहीं मिलती है, तो बीजेपी उम्मीदवार महेश  केवट  का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। वहीं बाकी दो सीटों पर बीजेपी के तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल पहले ही निर्विरोध हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर बीजेपी की क्लीन स्वीप की तस्वीर बनती नजर आ रही है।

उधर, कांग्रेस अब राजनीतिक और संवैधानिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय हो गई है। आज पार्टी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी  मुर्मू  से मुलाकात करेगा। साथ ही दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल, निगाहें कोर्ट, चुनाव आयोग और घड़ी तीनों पर टिकी हैं, क्योंकि फैसला अब सियासत ही नहीं, समय भी करेगा।

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