MP: मोहन कैबिनेट की बैठक, कई अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, ये फैसले रहे खास

मोहन कैबिनेट बैठक में बिजली की बढ़ती जरूरत और भविष्य की मांग को देखते हुए सरकार ने थर्मल पावर खरीदने का बड़ा फैसला लिया है। पावर मैनेजमेंट कंपनी की रिपोर्ट में वर्ष 2037 तक करीब 1900 मेगावाट बिजली की कमी का अनुमान जताया गया है। इसी को देखते हुए 1800 मेगावाट और 900 मेगावाट की पावर खरीद को मंजूरी दी गई है। यानी कुल 2800 मेगावाट थर्मल पावर की खरीद का फैसला हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप ने सरकार के फैसलों की जानकारी दी। बैठक में प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरत को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। पावर मैनेजमेंट कंपनी की रिपोर्ट में वर्ष 2037 तक करीब 1900 मेगावाट बिजली की कमी का अनुमान लगाया गया है।
भविष्य की इस जरूरत को देखते हुए सरकार ने अभी से बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया है। सरकार ने कुल 2800 मेगावाट थर्मल पावर खरीदने का फैसला किया है। इसमें 1800 मेगावाट और 900 मेगावाट की पावर खरीद शामिल है। सरकार का उद्देश्य आने वाले वर्षों में बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच संभावित अंतर को कम करना है।
बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों, घरेलू खपत और प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बिजली की पर्याप्त उपलब्धता को लेकर यह फैसला अहम माना जा रहा है। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने थर्मल पावर की अतिरिक्त खरीद का फैसला लिया है।



