MP: मिल्क कैपिटल की ओर बढ़ते कदम!, अमित शाह और CM मोहन यादव की कदमताल

मध्यप्रदेश अब मिल्क कैपिटल बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. गौपालक सम्मलेन में केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन यादव की कदमताल के साथ पशुपालन, नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर मंथन हुआ. अमित शाह ने मध्यप्रदेश सरकार के गौपालकों के लिए किए जा रहे प्रयासों कि तारीफ की, और दुग्ध उत्पादन को 50 लाख लीटर तक ले जाने का लक्ष्य मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार के सामने रखा है।
भोपाल में आयोजित गौपालक सम्मेलन में मध्यप्रदेश के पशुपालन और डेयरी सेक्टर को नई दिशा देने की तस्वीर दिखाई दी। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशुपालन एवं कृषि पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया इसके बाद शाह ने प्रदेशभर से आए गौपालकों से संवाद किया और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने को लेकर सरकार की योजनाओं और प्रयासों की जानकारी साझा की शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने गौपालकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं… उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी पूरी टीम को बधाई और साधुवाद भी दिया…
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गोवंश और भैंस की नस्ल सुधार पर भी सरकार का फोकस है…अमित शाह ने बताया कि भोपाल में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से केंद्रीय प्रयोगशाला बनाई गई है… वहीं शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट बनाने की योजना है, शाह के मुताबिक, उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से इसके लिए 50 एकड़ जमीन मांगी थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी है, उन्होंने कहा कि इस परियोजना के जरिए गोवंश और भैंस की नस्ल सुधार पर काम होगा… जिससे पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने, बीमारी कम करने और देशी नस्लों के संवर्धन में मदद मिलेगी। सेक्स शॉर्टेड सीमन से बछड़ा नहीं होगा, बछड़ी ही आएगी। दूध का उत्पादन 50 लाख लीटर ले जाने का काम मोहन यादव सरकार करेगी।
यानी मध्यप्रदेश में खेती के साथ अब पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत बनाने पर जोर है…नस्ल सुधार से लेकर आधुनिक प्रयोगशाला और डेयरी प्लांट तक… सरकार का फोकस उत्पादन बढ़ाने और गौपालकों को मजबूत करने पर दिखाई दे रहा है। भोपाल से उठी ये तस्वीरें अब मध्यप्रदेश को दूध उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने के संकल्प का संकेत दे रही हैं।



