MP: झाबुआ में बकाया भुगतान पर सियासी घमासान, मनरेगा की राशि को लेकर MLA विक्रांत भूरिया का सवाल

झाबुआ में मनरेगा और अन्य योजनाओं की राशि समय पर नहीं मिलने के मुद्दे पर कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने केंद्र और राज्य सरकार को घेरा है। विधायक का आरोप है कि सरकार ग्राम पंचायतों से विकास कार्य तो करवा लेती है, लेकिन काम की राशि समय पर नहीं पहुंचती। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब भुगतान ही अटका है, तो पंचायतें विकास कार्यों का खर्च कैसे उठाएं?
विकास कार्यों की जिम्मेदारी पंचायतों की, लेकिन भुगतान का इंतजार कब तक? झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायतों को मनरेगा और अन्य मदों की राशि समय पर नहीं मिलने का मुद्दा अब सियासी तूल पकड़ रहा है। कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने इस मामले में केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों से विकास कार्य तो करवा लिए जाते हैं, लेकिन उन कार्यों की लागत राशि का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। विधायक के मुताबिक, पंचायतों का करोड़ों रुपये बकाया है और भुगतान नहीं होने से ग्राम पंचायतों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है।
डॉ. विक्रांत भूरिया ने मनरेगा योजना के साथ आदर्श योजना सहित अन्य मदों की राशि का भुगतान लंबित होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के सरपंच विकास कार्य करवाते हैं, लेकिन खर्च की गई राशि समय पर नहीं मिलने से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
अब सवाल सिर्फ बकाया राशि का नहीं, बल्कि पंचायतों की आर्थिक व्यवस्था और विकास कार्यों की रफ्तार का भी है। अगर भुगतान में देरी होती है, तो इसका असर आगे होने वाले विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है।



