MP: पार्टी में बगावत का बड़ा सीन, जीतू पटवारी के गृह जिले में कांग्रेस को लगा झटका

CM मोहन यादव पर जमीन के आरोप लगाने के बाद जीतू पटवारी के गृहजिले में बगावत का बड़ा सीन हो गया है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर ऐसा सियासी धमाका किया है, जिसकी गूंज भोपाल से लेकर दिल्ली तक सुनाई दे रही है।
इस्तीफे के साथ राकेश सिंह यादव ने सिर्फ पार्टी नहीं छोड़ी, बल्कि जीतू पटवारी के नेतृत्व पर सवालों की झड़ी लगा दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए गए जमीन घोटाले के आरोपों को उन्होंने तथ्यहीन बताया, इतना ही नहीं, उन्होंने राहुल गांधी तक पर तीखा हमला बोल दिया।
इंदौर यानी पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का गृहजिला और यहीं से कांग्रेस के भीतर बगावत का सबसे बड़ा बिगुल बज गया है। प्रदेश कांग्रेस सचिव राकेश सिंह यादव ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए जीतू पटवारी पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लगाए हैं। राकेश सिंह यादव का कहना है कि, मुख्यमंत्री मोहन यादव पर उज्जैन की जमीन को लेकर लगाए गए आरोप पूरी तरह तथ्यहीन हैं। उनके मुताबिक जिस जमीन को लेकर कांग्रेस आंदोलन कर रही है, वह सरकारी ट्रस्ट की जमीन है और बिना पुख्ता तथ्यों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिल्ली तक प्रदर्शन करने पहुंच गए।
राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया कि, जब आरोपों का जवाब नहीं बन पाया तो पार्टी नेताओं को मीडिया डिबेट में शामिल होने से रोक दिया गया। यहीं नहीं राकेश सिंह यादव ने जीतू पटवारी के नेतृत्व पर भी बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद चुनाव हार चुका हो, वह कांग्रेस को जीत कैसे दिलाएगा? राकेश सिंह यादव ने संगठन प्रभारी हरीश चौधरी पर भी निशाना साधते हुए संगठन सृजन अभियान के नाम पर अध्यक्ष पद बेचने का आरोप लगाया, इतना ही नहीं पटवारी खुद डिफेंडर दिलवाकर पीसीसी अध्यक्ष बने है।
उन्होंने यहां तक कहा कि, वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं हो रहा और यदि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ जैसे नेताओं की उपेक्षा हो सकती है, तो सामान्य कार्यकर्ताओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राकेश सिंह यादव के इस्तीफे और उनके तीखे आरोपों ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। फ़िलहाल, पटवारी के घर में बगावती सीन होने से सूबे की सियासत गरमा गई है।



