MP: रात में समीक्षा, सुबह पीड़ितों के बीच CM मोहन यादव, बाढ़ पर सरकार की त्वरित कार्रवाई

रात में दिल्ली से सीधे रीवा…रात में ही अधिकारियों के साथ बाढ़ की समीक्षा…और सुबह होते ही बाढ़ पीड़ितों के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव। चित्रकूट में अतिवृष्टि और बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री का यह दौरा राहत के साथ-साथ सियासी तौर पर भी बड़ा संदेश दे गया। सीएम ने प्रभावितों से मुलाकात कर राहत सामग्री बांटी, नुकसान का सर्वे कराने और हर संभव आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया।
मध्यप्रदेश में बाढ़ के हालात पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक्शन मोड नजर आया। नई दिल्ली से रात में सीधे रीवा पहुंचे मुख्यमंत्री ने देर रात ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। सीएम ने अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद सुबह होते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव सीधे चित्रकूट पहुंच गए। चित्रकूट विकास प्राधिकरण के आश्रय स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की।
चित्रकूट में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई। पानी लोगों के घरों में घुस गया और घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की सतर्कता और तत्परता के कारण अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा और अन्य जरूरी सहायता तत्काल पहुंचाई जाए और राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि, बाढ़ से हुए नुकसान का विधिवत सर्वे कराया जाएगा। जिन लोगों के घरों, सामान और पशुओं को नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम ने कहा कि, इस बाढ़ ने पुराने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और फिलहाल सरकार की पहली प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य हैं।



