एमपी-citiesएमपी-ब्रेकिंगमेरा-देशराजधानी-रिपोर्टविशेष

MP: CM मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, कई अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में आम जनता, छात्रों, स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है।  कैबिनेट ने जहां स्वामित्व योजना के तहत पंचायतों में पट्टों की रजिस्ट्री शुल्क पूरी तरह माफ करने का फैसला लिया है, वहीं प्रदेश में अत्याधुनिक AI आधारित डेटा सेंटर के लिए 800 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई है।इसके अलावा नगर वन योजना, विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती और मेधावी विद्यार्थियों के लिए स्कूटी योजना को भी अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला लिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मंत्री चैतन्य कश्यप ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। कैबिनेट ने स्वामित्व योजना के तहत बड़ा फैसला लेते हुए पंचायत क्षेत्रों में दिए जाने वाले पट्टों की रजिस्ट्री पर लगने वाले शुल्क और अतिरिक्त उपकर को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब पंचायत क्षेत्र में पट्टा मिलने पर किसी प्रकार का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं देना होगा, जिससे ग्रामीणों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

प्रदेश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के डेटा सेंटर के आधुनिकीकरण को भी मंजूरी दी गई है। करीब 13 वर्ष पहले स्थापित इस डेटा सेंटर को आधुनिक तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के अनुरूप विकसित करने के लिए 800 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की गई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत उज्जैन के डोंगला स्थित आचार्य वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला के आधुनिकीकरण का भी फैसला लिया गया है। अगले पांच वर्षों में इस परियोजना पर 39 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे वैज्ञानिक अनुसंधान और खगोल विज्ञान को नई गति मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नमो हरित नगर योजना  को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक नगर में नगर वन विकसित किए जाएंगे। अगले पांच वर्षों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि CSR और जनभागीदारी से मिलने वाली राशि के बराबर योगदान राज्य सरकार भी करेगी और पांच वर्षों तक रखरखाव का खर्च भी सरकार ही वहन करेगी। वहीं मेधावी विद्यार्थियों के लिए संचालित स्कूटी योजना को भी अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला लिया गया है।  जिसके लिए 495 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

कुल मिलाकर ग्रामीणों को राहत, छात्रों को प्रोत्साहन, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती और तकनीक के क्षेत्र में बड़ा निवेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक के फैसले प्रदेश के विकास की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button