MP: CM मोहन यादव का बड़ा फैसला, 10 साल से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया को मिली रफ्तार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं को बड़ी सौगात दी है। करीब 10 साल से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार के इस फैसले से न सिर्फ कर्मचारियों की करियर ग्रोथ का रास्ता खुलेगा, बल्कि बड़ी संख्या में रिक्त होने वाले पदों पर नई भर्तियों की संभावना भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्षों से लंबित पदोन्नति के मुद्दे पर बड़ा निर्णय लेते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने की पहल की है। करीब एक दशक से पदोन्नति नहीं होने के कारण कई विभागों में अधिकारी और कर्मचारी एक ही पद पर कार्य कर रहे थे। इससे न केवल उनकी करियर ग्रोथ प्रभावित हो रही थी, बल्कि कई विभागों में प्रभारी व्यवस्था के सहारे कामकाज चल रहा था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल के बाद अब पदोन्नति प्रक्रिया को गति मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
सरकार का मानना है कि, वरिष्ठ अधिकारियों के प्रमोट होने के बाद उनके पद रिक्त होंगे, जिन पर क्रमवार पदोन्नति होगी और अंततः बड़ी संख्या में नए पद भर्ती के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।यानी मुख्यमंत्री का यह फैसला सिर्फ कर्मचारियों के प्रमोशन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। सीएम मोहन यादव ने कहा कि, हम समाधान तक आए है। कैबिनेट में जल्द ही पदोन्नति की स्वीकृति देने वाले है। करीब 4 लाख अधिकारीयों कर्मचारियों को लाभ मिलने वाला है
मोहन सरकार ने कोर्ट-कचहरी के बीच का रास्ता निकालकर एक साथ कर्मचारियों का हित और भविष्य दोनों संभाला है। प्रमोशन का मतलब सिर्फ ऊपर वालों का फायदा नहीं बल्कि पूरे सिस्टम में नई भर्तियों और युवाओं के लिए अवसरों की बाढ़ है!



