MP आते ही खटपट भांप गए नए-नवेले BJP प्रभारी, को-ऑर्डिनेशन की कमी पर दिया बड़ा बयान

मध्यप्रदेश आते ही बीजेपी के नए नवेले प्रभारी बिप्लब कुमार देब पार्टी की अंदरूनी खटपट भांप गए, बिप्लब देब से जब पार्टी के बड़े नेताओं के बीच को-ऑर्डिनेशन की कमी को लेकर सवाल किया गया… तो उन्होंने नेताओं के बीच मतभेद को लोकतंत्र का हिस्सा बताया, लेकिन साथ ही ये भी साफ किया कि डिफरेंस सार्वजनिक नहीं होना चाहिए।
मध्य प्रदेश भाजपा के नए-नवेले प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब से जब पार्टी के बड़े लीडर्स के बीच को-ऑर्डिनेशन की कमी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने सवाल को ही सवाल बनाकर टालने की कोशिश की। बोले कि आपको किसने कहा कि को-ऑर्डिनेशन की कमी है? नेताओं को शालीनता में रहने की नसीहत देते हुए कहा कि बड़े नेता छोटे, नेता कुछ नहीं होता है।
बात सिर्फ नसीहत तक सीमित नहीं रही। प्रभारी ने यह भी माना कि नेताओं के बीच मतभेद हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने इसे लोकतंत्र का हिस्सा बताते हुए कहा कि जहां डिफरेंस है, वहीं डेमोक्रेसी है। बस ये डिफरेंस सार्वजनिक स्तर पर नहीं आना चाहिए।
प्रभारी भले ही सवाल पर अनजान बन गए हों, लेकिन दो दिन के मध्य प्रदेश दौरे में उन्होंने पार्टी की नब्ज जरूर टटोल ली। शायद तभी उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ अध्यक्ष तक सभी को मिलकर काम करने की नसीहत दे डाली। बिप्लब कुमार देब ने कहा कि संगठन की सभी इकाइयों और प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ प्रेसिडेंट तक सभी को मिलकर काम करना है।



