MP: ओंकारेश्वर में एकात्म पर्व का भव्य शुभारंभ, CM डॉ. मोहन यादव ने किया उद्घाटन

मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक धरती ओंकारेश्वर एक बार सनातन चेतना का केंद्र बनी है। अद्वैत वेदांत के प्रणेता आदि गुरु शंकराचार्य की दीक्षा स्थली ओंकारेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 5 दिवसीय एकात्म पर्व का शुभारंभ किया. इस दौरान सीएम मोहन यादव ने कहा कि, शासन की व्यवस्था भी सनातन संस्कृति के मूल्यों के साथ आगे बढ़ रही है.
नर्मदा तट पर बसे ओंकारेश्वर, मांधाता पर्वत की पावन कंदराएं और हर तरफ गूंजते वैदिक मंत्र…यही से शुरू हुआ पांच दिवसीय एकात्म पर्व… आदि गुरु शंकराचार्य की तपोभूमि एकात्म धाम में आयोजित इस महोत्सव में आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है… मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधिवत यज्ञशाला का पूजन कर इस पर्व का शुभारंभ किया…इस दौरान उन्होंने द्वारका शारदा पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का अंगवस्त्र, धातु की मूर्ति और चित्र भेंट कर सम्मान किया…
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ओंकारेश्वर की इस भूमि पर अद्वैत के साथ चेतना का भी साक्षात अनुभव होता है…उन्होंने मध्यप्रदेश की आध्यात्मिक विरासत को याद करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान चित्रकूट में तप किया…भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन में शिक्षा ग्रहण की…और कठिन समय में बालक शंकर यहां ओंकारेश्वर आए…जहां से वे आदि गुरु शंकराचार्य बनकर सनातन धर्म की धारा को विश्वभर में प्रवाहित करने लगे…
सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि आज शासन की व्यवस्था भी सनातन संस्कृति के मूल्यों के साथ आगे बढ़ रही है… साथ ही उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को एकात्मता का संकल्प भी दिलाया…
कुल मिलाकर ओंकारेश्वर में शुरू हुआ यह एकात्म पर्व सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति, दर्शन और एकता का संदेश है…पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में देशभर से संत, विद्वान और श्रद्धालु शामिल होंगे जो एक बार फिर मध्यप्रदेश को आध्यात्मिक धुरी के रूप में स्थापित करता है…



