MP: दतिया के दंगल में कांग्रेस का मंगल, जीतू पटवारी बने जीत के किंगमेकर

दतिया के दंगल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का जादू चला है। उपचुनाव में कांग्रेस की जीत ने सिर्फ एक सीट नहीं बचाई, बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की सियासी ताकत का भी बड़ा संदेश दे दिया। लगातार ताबड़तोड़ प्रचार, भाजपा पर आक्रामक हमले और भ्रष्टाचार से लेकर बेरोजगारी तक के मुद्दों को जनता के बीच ले जाने वाले जीतू पटवारी इस जीत के सबसे बड़े चेहरे बनकर उभरे हैं।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह की जीत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की हो रही है। चुनाव प्रचार के दौरान पटवारी ने दतिया में लगातार जनसभाएं, रोड शो और कार्यकर्ता बैठकों के जरिए चुनावी माहौल को कांग्रेस के पक्ष में मोड़ने की कोशिश की। भाजपा सरकार को उन्होंने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और जनसमस्याओं के मुद्दों पर लगातार घेरा।
बीजेपी ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन कांग्रेस ने अपनी सीट बचाने में कामयाबी हासिल की। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में जीतू पटवारी की आक्रामक रणनीति, बूथ स्तर तक सक्रियता और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की भूमिका इस जीत का बड़ा कारण मानी जा रही है। यही वजह है कि दतिया की जीत के बाद पटवारी को कांग्रेस का किंगमेकर कहा जा रहा है।
दतिया का चुनावी परिणाम कांग्रेस के लिए सिर्फ एक विधानसभा सीट की जीत नहीं बल्कि संगठन के मनोबल को बढ़ाने वाला संदेश भी है। लोकसभा चुनाव के बाद मिले झटकों के बीच यह जीत कांग्रेस के लिए नई ऊर्जा लेकर आई है। वहीं दिल्ली तक यह संदेश गया है कि मध्यप्रदेश में जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस मुकाबले की स्थिति में है।अब कांग्रेस इस जीत को 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी का मजबूत आधार मान रही है। दूसरी ओर बीजेपी के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय बन गया है। दतिया का दंगल भले खत्म हो गया हो, लेकिन इसके राजनीतिक संदेश आने वाले चुनावों तक गूंजते रहेंगे।



