MP: नाज़िया इलाही करेंगी पितरों का तर्पण, सर्वपितृ अमावस्या पर होगा आयोजन

सियासत और सनातन की बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट की मुस्लिम वकील और अंतरराष्ट्रीय सनातनी प्रवक्ता नाजिया इलाही खान सर्वपितृ अमावस्या पर उज्जैन में अपने दिवंगत पूर्वजों का तर्पण करेगी। नाजिया का दावा है कि, वह मुस्लिम समाज से आते हुए पहली बार मध्यप्रदेश की धरती से अपने परिवार के स्वर्गवासी बुजुर्गों का श्राद्ध कर्म करेंगी। उनके इस ऐलान ने धार्मिक पहचान, आस्था और सामाजिक विमर्श को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
हिंदू परंपरा में सर्वपितृ अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। इसी अवसर पर इंदौर से अंतरराष्ट्रीय सनातनी प्रवक्ता नाजिया इलाही खान ने उज्जैन में अपने पितरों का तर्पण करने का ऐलान किया है। नाजिया ने कहा कि कई वर्षों से उनके मन में अपने पितरों का तर्पण करने का विचार था, लेकिन किसी न किसी कारण से यह टलता रहा। अब सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर उज्जैन में पूरे विधि-विधान से श्राद्ध कर्म करने की बात कही गई है। नाजिया ने कहा कि उनके मजहब में श्राद्ध करना हराम है लेकिन लेकिन मैं श्राद्ध करके मुस्लिम समाज को मानवता की किरण दिखाना चाहती हूँ।
नाजिया ने ये भी बताया कि उनके ऐसा करने से उन्हें जान का खतरा भी हो सकता है क्योकि पाकिस्तान बांग्लादेश से उन्हें कई बार सर कलम की धमकी मिल चुकी है , लेकिन मध्यपप्रदेश उनके लिए सबसे पवित्र और सुरक्षित है
एक मुस्लिम महिला की ओर से हिंदू परंपरा के अनुसार पितृ तर्पण करने का यह ऐलान अब चर्चा का विषय बन गया है। उज्जैन की धरती पर सर्वपितृ अमावस्या के दिन होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सार्वजनिक विमर्श के लिहाज से भी सुर्खियों में है।



