MP: इंदौर में CM मोहन यादव की पाठशाला, क्लासरूम में मुख्यमंत्री बने टीचर

इंदौर में मुख्यमंत्री की पाठशाला देखने को मिली जहां डॉ. मोहन यादव खुद टीचर बन गए। सीएम ने बच्चों से सवाल-जवाब किए और उन्हें सफलता के खास मंत्र भी दिए। मौका था नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन का… इस मौके पर सीएम ने कहा कि, बीते तीन वर्षों में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाना एक बड़ी उपलब्धि है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।
मध्यप्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही स्कूलों में फिर से चहल-पहल देखने को मिल रही है। 18 जून को प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दूसरे चरण का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर स्थित शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आए, यहां मुख्यमंत्री का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने छात्राओं के बीच बैठकर उनसे सीधे संवाद किया… पढ़ाई, विज्ञान और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे
छात्राओं ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए जिससे मुख्यमंत्री काफी प्रभावित नजर आए। मुख्यमंत्री ने न सिर्फ छात्राओं को प्रोत्साहित किया बल्कि उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद भी दिया जिससे स्कूल का माहौल पूरी तरह आत्मीय और उत्साह से भरा नजर आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि, नए सत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूल आ रहे हैं, और बीते तीन वर्षों में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया , विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया और लैब का शुभारंभ भी किया। छात्राओं ने उन्हें विभिन्न वैज्ञानिक उपकरणों और प्रयोगों की जानकारी दी जिस पर मुख्यमंत्री ने विज्ञान और नवाचार के महत्व को बताते हुए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया
कुल मिलाकर तो इंदौर में मुख्यमंत्री की यह पाठशाला न सिर्फ बच्चों के लिए यादगार रही, बल्कि शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकता का भी संदेश दे गई।



