MP: उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा समुदाय खुद हटा रहा, आपसी सहमति से सुलझा मामला!

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच सड़क चैड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद का मामला चर्चा में है। प्रशासन के मुताबिक छत्री चैक स्थित शाही मस्जिद का सड़क चैड़ीकरण की जद में आ रहा हिस्सा समुदाय द्वारा स्वयं हटाया जा रहा है। उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं शहर काजी खली कुर्रे रहमान ने भी कहा है कि मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है कुछ लोग सोशल मीडिया पर फिजूल माहौल बना रहे हैं।
महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच शहर में सड़क चैड़ीकरण और निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसी क्रम में छत्री चैक स्थित शाही मस्जिद का सड़क की निर्धारित सीमा में आ रहा हिस्सा भी हटाया जा रहा है। मस्जिद हटाने को लेकर पथराव की खबर आई लेकिन पुलिस की सख्ती, संभागयुक्त आशीष सिंह और कलेक्टर रोशन कुमार सिंह की सूझबूझ से हालात काबू में है।
उज्जैन कमिश्नर और कलेक्टर खुद मैदान में नजर आए , लगातार संवाद और आपसी सहमति से मस्जिद हटाने का रास्ता साफ हुआ। प्रशासन का कहना है कि यह हिस्सा समुदाय के लोग स्वयं हटा रहे हैं। अलग-अलग समुदायों के लोग विकास कार्यों में सहयोग कर रहे हैं और मार्ग में आ रहे अपने मकानों तथा धर्मस्थलों के प्रभावित हिस्से हटाने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। छत्री चैक स्थित शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा भी समुदाय द्वारा स्वयं हटाया जा रहा है।
कलेक्टर ने लोगों से साफ तौर पर अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखें। वहीं शहर काजी खली कुर्रे रहमान ने भी लोगों से अपील करते हुए कहा कि शाही मस्जिद कमेटी खुद अपने हाथों से मस्जिद तोड़ रहे हैं, कुछ लोग सोशल मीडिया पर फिजूल माहौल बना रहे हैं शहर अपना है इसकी हिफाजत भी हमें करना है… ।
हालांकि, मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने को लेकर बीते घंटों में मौके पर विरोध और तनाव की स्थिति भी सामने आई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और पुलिस बल की तैनाती की गई। कुछ रिपोर्टों में पथराव और पुलिस द्वारा आंसू गैस के इस्तेमाल की भी जानकारी दी गई है। ऐसे माहौल में प्रशासन और शहर काजी दोनों की ओर से लोगों को अफवाहों से दूर रहने और मौके पर अनावश्यक रूप से भीड़ न लगाने की अपील की गई है।



